भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ियों ने रचा इतिहास
जॉर्जिया के बटुमी में चल रहे FIDE विमेंस वर्ल्ड कप 2025 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। चार भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ी – कोनेरू हम्पी, द्रोणवल्ली हरिका, आर. वैशाली, और इंटरनेशनल मास्टर दिव्या देशमुख – ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। यह पहली बार है जब किसी एक देश की चार खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के अंतिम आठ में पहुंची हैं।
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दिव्या देशमुख ने किया बड़ा उलटफेर
19 वर्षीय दिव्या देशमुख ने टूर्नामेंट में सबको चौंकाते हुए विश्व नंबर 2 चीन की झू जीनर को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। पहले गेम में सफेद मोहरों से जीत हासिल करने के बाद, दिव्या ने रैपिड टाईब्रेक में भी शानदार प्रदर्शन किया और 1.5-0.5 से जीत दर्ज की। उनकी इस जीत ने भारतीय शतरंज की नई पीढ़ी की ताकत को दुनिया के सामने ला दिया।

हम्पी, हरिका और वैशाली की शानदार वापसी
कोनेरू हम्पी ने स्विट्जरलैंड की पूर्व विश्व चैंपियन एलेक्जेंड्रा कोस्टेनियुक को 1.5-0.5 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। द्रोणवल्ली हरिका ने रूस की कातेर्यना लग्नो के खिलाफ कड़े मुकाबले में जीत हासिल की, जबकि आर. वैशाली ने कजाकिस्तान की मेरुएर्त कमालिदेनोवा को ब्लिट्ज टाईब्रेक में मात दी। इन सभी ने रैपिड और ब्लिट्ज फॉर्मेट में अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
पुरस्कार राशि और आगे की राह
FIDE विमेंस वर्ल्ड कप का कुल पुरस्कार कोष 6,91,250 अमेरिकी डॉलर (लगभग 59.6 मिलियन रुपये) है, जिसमें विजेता को 50,000 डॉलर मिलेंगे। शीर्ष तीन खिलाड़ी 2026 के विमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करेंगी। क्वार्टर फाइनल में भारत की दिव्या और हरिका के बीच एक रोमांचक ऑल-इंडियन मुकाबला होगा, जो भारत को कम से कम एक सेमीफाइनल स्थान सुनिश्चित करता है।
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